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काम की खबर: छुट्टियों पर जाने से पहले जरूर खरीदें यात्रा बीमा पॉलिसी

कोरोना के मामलों में गिरावट के साथ लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों में ढील के बाद ज्यादातर लोग छुट्टियों में घूमने की योजना बना रहे हैं। बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के दौर में घूमने जाने से पहले सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां जरूर करनी चाहिए। इसमें यात्रा बीमा पॉलिसी लेना भी शामिल है। 

यह न सिर्फ यात्री के सामान, पासपोर्ट, टिकट या दस्तावेज के खोने की स्थिति में नुकसान की भरपाई करता है बल्कि फ्लाइट कैंसिल होने पर मुआवजा भी दिलाता है। इसमें यात्रा के दौरान आपको मेडिकल इमरजेंसी में इलाज और अस्पताल में भर्ती की सुविधा भी मिलती है। यात्रा बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम सेटलमेंट में 15 दिनों का समय लगता है।

चिकित्सा एवं अस्पताल में भर्ती खर्च 

यात्रा के दौरान अगर पॉलिसीधारक को कोई बीमारी हो जाती है या चोट लग जाती है, तो यात्रा बीमा के तहत उसके इलाज और अस्पताल में भर्ती होने का खर्च बीमा कंपनी वहन करती है। इसमें एंबुलेंस और फिजिशियनशुल्क भी शामिल होता है। 

हालांकि, यह पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है। यात्रा के दौरान आपात स्थिति में अस्पताल में भर्ती पर दैनिक अलाउंस भी मिलता है। विदेश घूमने जाना चाहते हैं तो यात्रा बीमा खरीदते समय ध्यान रखें कि उस देश में मेडिकल ट्रीटमेंट की लागत कितनी है। इसके अलावा, कीमती सामानों के लागत की गणना जरूर कर लें।

आपात स्थिति में रहने की जगह बदलने पर 

अगर व्यक्ति किसी आपात स्थिति में तय की गई जगह पर नहीं रह पा रहा है, तो उसे दूसरी जगह पर रहने के लिए अतिरिक्त कीमत की भरपाई भी यात्रा बीमा में कवर होती है। आपात स्थिति सामान्य तौर पर भूकंप, तूफान और धमाके आदि तक ही सीमित नहीं होती। इसमें क्या-क्या शामिल है, इसके लिए छुट्टियों पर जाने से पहले अपनी यात्रा बीमा दस्तावेज को जरूर देखें।

ट्रिप रद्द या मौत होने पर 

महामारी के दौरान फ्लाइट रद्द होना आम हो गया है। इससे यात्रियों को आखिरी समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या किसी दूसरे कारणों से आपकी ट्रिप रद्द होती है तो यात्रा बीमा के तहत कंपनी मुआवजा देती है। इसके अलावा, यात्रा के दौरान दुर्घटना में आई चोट या मौत होने पर भी कवरेज मिलता है।

इन स्थितियों में नहीं मिलता बीमा कवर 

पहले से मौजूद बीमारी, रेडियो एक्टिव से लगी चोट, घातक खेल में लगी चोट, आत्महत्या जैसी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश, वैसे वाहन में यात्रा करना जिसके पास यात्रियों को ले जाने का लाइसेंस नहीं हो , बिना किसी दुर्घटना सर्जरी का खर्च, सामान के नुकसान होने की सूचना 24 घंटे में नहीं देने पर, गर्भपात, शराब के कारण मेडिकल इमरजेंसी, एलोपैथी के अलावा अन्य इलाज पर क्लेम

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