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सामने आ रहे अंतरिक्ष पर्यटन के नए आयाम, भविष्य में रकम चुकाकर लोग कर सकते हैं अंतरिक्ष की सैर

अंतरिक्ष में सैर करने की इंसान की पुरानी हसरत रही है। हालिया चर्चित अंतरिक्ष यात्र से हमारा एक जुड़ाव भारतीय मूल की शिरीषा बांदला के जरिये भी होता है जो इस यात्र पर गई थीं। कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद वह तीसरी महिला हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। रिचर्ड ब्रैंसन की हालिया यात्र के एक साक्षी थे स्पेस एक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क, जो इसी तरह की यात्रओं के आयोजन की तैयारी कर रहे हैं।

साथ ही, उनके अभियान पर एक निगाह दुनिया के मशहूर कारोबारी जेफ बेजोस की भी रही, जो चंद दिनों बाद (20 जुलाई को) ऐसी ही यात्र पर निकलने वाले हैं। अंतरिक्ष पर्यटन को लेकर इस कोरोना काल में नई सनसनी पैदा हो गई है। खास तौर से अरबपति अमीरों की ऐसी लंबी लिस्ट तैयार बताई जा रही है, जो आने वाले वक्त में अंतरिक्ष कही जाने वाली सरहद को छूकर लौटना चाहते हैं।

पर यहां कई सवाल हैं। जैसे निजी तौर पर पैसे खर्च करके अंतरिक्ष कही जाने वाली सीमा तक पहुंचने का मतलब क्या है। आखिर क्यों कुछ लोग ऐसा करना चाहते हैं। अगर इसमें कमाई की संभावना है, तो यह काम सरकारी स्पेस एजेंसियां क्यों नहीं कर रही हैं। क्या इसमें खतरे वाकई में इतने कम हो गए हैं कि जो व्यक्ति चाहे, विमान यात्र की तरह अंतरिक्ष की सैर पर निकल सकता है।

असल में इस यात्र में अत्यधिक खतरों, खर्च और यात्रियों के कौशल के अलावा इन्हें संपन्न कराने वाले संगठनों की विशेषज्ञता का इतना ज्यादा महत्व रहा है कि प्राइवेट एजेंसियां प्राय: इसमें हाथ डालने से बचती रही हैं। ऐसे ज्यादातर कारनामे सरकारी स्पेस एजेंसियां ही कर सकीं। जैसे अब से करीब 20 साल पहले 28 अप्रैल, 2001 को स्पेस कंपनी ‘स्पेस एडवेंचर’ ने रूस की मदद से अमेरिकी पर्यटक डेनिस टीटो को रूसी रॉकेट सोयूज टीएम-32 और आइएसएस ईपी-1 नामक यान से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचाया था। टीटो दुनिया के ऐसे पहले टूरिस्ट बने थे, जिन्होंने पैसे खर्च करके अंतरिक्ष की यात्र की थी।

सैर की भारी कीमत : 

अभी भी अंतरिक्ष की सैर इतनी सस्ती नहीं हुई है कि कोई शख्स किसी विमान यात्र जितने खर्च में अंतरिक्ष का भ्रमण कर ले। लेकिन अब इस यात्र का आनंद लेने वाले अमीरों की दुनिया में कमी नहीं है। वे इसके लिए अच्छी खासी रकम चुका सकते हैं। यही वजह है कि वर्जनि गैलेक्टिक, ब्लू ओरिजन, स्पेसएक्स जैसी प्राइवेट कंपनियां इस क्षेत्र में उतरकर भारी कमाई करना चाहती हैं। ब्रैंसन के मालिकाना हक वाली कंपनी वर्जनि गैलेक्टिक ने हाल में कहा है कि दो टेस्ट फ्लाइट्स के बाद अगले साल वह अंतरिक्ष की व्यावसायिक उड़ानें शुरू करेगी। इसके लिए उसने भी 600 लोगों से प्रति सीट ढाई लाख अमेरिकी डॉलर लेकर बुकिंग कर रखी है। उम्मीद की जा रही है कि टिकट की लागत जल्द ही घटकर 40 हजार डॉलर हो सकती है, जिससे अंतरिक्ष की सैर और सुहावनी हो जाएगी। जहां तक स्पेस की सैर से कमाई का सवाल है तो स्विट्जरलैंड के एक बैंक का अनुमान है कि 2030 तक अंतरिक्ष पर्यटन का बाजार तीन अरब डॉलर से ज्यादा का हो जाएगा।

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