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वैष्णो देवी के अलावा और भी बहुत कुछ है कटरा में, यात्रा से पहले इन जगहों के बारे में भी जान लें!

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चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। वैष्णो माता का दरबार हर साल लाखों लोगों को अपने द्वारे बुलाता है। लेकिन बहुतों की भीड़ है जो सिर्फ़ वैष्णो माता के दर्शन तक ही सीमित है। वो एक दिन दर्शन करती है और अगले दिन ट्रेन से वापस। अगर इतना लम्बा ट्रिप प्लान किया है तो कटरा के आस-पास की इन जगहों को भी लिस्ट में शामिल करना बनता है।  

1. सिहाड़ बाबा

वैष्णो माता के दर्शन के बाद बारी आती है सिहाड़ बाबा की। सिहाड़ बाबा में एक झरना है जो करीब 20 मीटर ऊँचा होगा। पहले इसके नीचे लोग नहाते भी थे। लेकिन 3 साल पहले आई एक आपदा के बाद यहाँ पर लोगों को झरने के नीचे नहाने की मनाही हो गई।

लेकिन अगर कपड़े लेकर आए हैं तो थोड़ा आगे आपके नहाने की व्यवस्था की गई है। अच्छा समय बिताने के लिए ठीक जगह है।

2. नौ देवी मंदिर

कटरा से लगभग 10 कि.मी. दूरी पर नौ देवी मंदिर है। इसका स्वरूप एकदम वैष्णो देवी दरबार सा है। एक गुफ़ा है, जहाँ मोटे से मोटा आदमी भी पार करते नहीं फँसा। कटरा आने वाले श्रद्धालु, जिनको भी थोड़ी बहुत जानकारी है, इस मंदिर के भी दर्शन करके निकलते हैं।

3. बाबा धनसर

जम्मू कश्मीर में रियासी ज़िले के कटरा से 17 कि.मी. दूर स्थित है बाबा धनसर का मंदिर। मान्यता है जब भगवान शिव माता पार्वती को अपने अमरत्व का ज्ञान देने अमरनाथ गए थे, तो अपने शेषनाग को अनन्तनाग में छोड़ कर गए थे। शेषनाग के पुरुष अवतार के एक पुत्र धनसर भी हैं, जिनका वर्णन बहुत सन्त क़िस्म के होने का बताया जाता है।मुख्य स्थान से 200 मीटर नीचे जाकर बाबा धनसर के दर्शन होते हैं। यहाँ बन्दर बहुतायत में हैं। छेड़ेंगे नहीं, लेकिन छोड़ेंगे भी नहीं। बस खाना अपने हाथ में रखने के बजाय बैग में रख लीजिएगा। पानी में सिक्के पड़े मिलेंगे। पानी से खेलने के लिए अच्छी जगह है।

4. बाबा जित्तो

इसी नाम से एक मंदिर है, 3 दिनों तक एक मेला होता है और साथ साथ इसके ऊपर डोगरी (जम्मू कश्मीर की भाषा) में एक नाटक भी खेला जा चुका है। बाबा जित्तो एक किसान थे, जिन्होंने उस दौरान की सामंती व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। बाबा जित्तो वैष्णो माता के बड़े भक्त थे जिनको माता ने आशीर्वाद दिया था। इसका फ़ायदा न उठाते हुए बाबा जित्तो ने पूरे गाँव के लोगों के लिए खेतों में पानी की उपस्थिति माँग ली। माता ने आशीर्वाद स्वरूप ऐसी व्यवस्था की कि साल में 7 अलग अलग मौसम में यहाँ बारिश होती है। अब गाँव वाले अपने खेत का अन्न सबसे पहले बाबा जित्तो को चढ़ाते हैं, उसके बाद ख़ुद ग्रहण करते हैं। इस मंदिर का ऐतिहासिक वजूद बहुत है, इसलिए इस मंदिर में आना सौभाग्य भी होता है।

5. देवी पिण्डी

ट्रेक करने वालों के लिए देवी पिंडी एक अच्छी जगह है। मान्यता है कि वैष्णो माता साल के कुछ दिनों के लिए देवी पिंडी में वास करती हैं। लगभग तीन घंटे की ट्रेकिंग के बाद आप इस मंदिर तक पहुँचते हैं। कटरा से 8 किमी0 दूर पैंथल पर उतरकर ट्रेकिंग का रास्ता शुरू होता है। ये जगह इतनी प्यारी है कि इस पर एक लेख अलग से लिखा जाना चाहिए। कटरा के इतना प्रसिद्ध होने के बाद भी इस ख़ूबसूरत जगह के बारे में कम ही लोग जानते हैं।

अगर वैष्णो देवी यात्रा का प्लान है तो एक दिन यहाँ ट्रेकिंग के लिए भी निकाल कर रख लें।

6. चेनाब नदी में बोटिंग

चेनाब का पानी जब सर्द होकर बहता है तो गर्मी के मौसम में राफ़्टिंग करने वाले इसे आँखें भर के देखते हैं। कटरा से गाड़ियाँ चलती हैं चेनाब तक जाने के लिए। यहाँ पहुँच कर भी आप राफ़्टिंग के लिए बुकिंग कर सकते हैं।

7. भीमगढ़ क़िला

क़िला बहुत प्रसिद्ध तो है लेकिन लोग जाते कम हैं। क़िला घूमने का कोई किराया भी नहीं है। बस थक जाएँगे आप। किस तरह से एक राजा अपने लिए किले का ऐसा निर्माण कराता है जिसमें वह हमेशा सुरक्षित रहे, वो यहाँ दिखाई देता है। यहाँ के बड़े बड़े स्नानघर देखने में दिलचस्प हैं। सबसे ऊपर पहुँचकर आप वहाँ होंगे जहाँ से राजा का पूरा राज्य एक नज़र में दिखाई देता है। ऊँचाई का अंदाज़ा आप लगाइए।

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