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अगर घूमने के हैं शौकीन तो चुनें सस्ता और खूबसूरत देश मिस्र

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जैसा कि आप सबको पता है कि पर्यटन की स्थिति संपूर्ण विश्व में कोविद-19 के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुई है, लेकिन कई ऐसे देश हैं जिन्होंने अभी हाल में ही ये घोषणा की है कि वे आने वाले दिनों में- संभवतः जून महीने के अंत या फिर जुलाई की शुरुआत में अपने अंतर्राष्ट्रीय बार्डर खोल सकते हैं और कुछ सीमित देशों के पर्यटक को अपने देश में घूमने की इजाज़त दे सकते हैं। 

लेकिन भारत सरकार ने फिलहाल अपनी सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें 30 जून तक रद्द की हैं। हालांकि घरेलू उड़ानें जो कि 22 मार्च से प्रतिबंधित थीं, पुनः 25 मई से शुरू की जा चुकी है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने अभी हाल में ये बयान दिया है कि सरकार अंतर्राष्ट्रीय उड़ान को अगस्त से पहले पुनः आरम्भ करने के बारे में सोच रही है। दुनिया के कई ऐसे देश हैं जो अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को या तो खोल चुके हैं या बहुत जल्द खोलने की आधिकारिक घोषणा कर चुके हैं। मगर कुछ नयी गाइडलाइन्स के तहत।

भौगोलिक स्थिति

मिस्र उत्तरी अफ्रीका में स्थित एक ऐसा देश हैं जो मुख्यतः दो हिस्सों में विभाजित है- उत्तरी अफ्रीका और दक्षिण-पश्चिम एशिया। इसके पूर्व में लाल सागर, पश्चिम में लीबिया, उत्तर में भूमध्य सागर, पूर्वोत्तर में गाज़ा पट्टी और इस्राइल तथा दक्षिण में सूडान स्थित है। मिस्र की जनसंख्या का अधिकांश हिस्सा नील नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में रहता है। 

मिस्र को इसके प्राचीन इतिहास, सभ्यता, रेगिस्तानी परिदृश्य और विशाल पिरामिड के नाम से जाना जाता है। इसका आधिकारिक नाम मिस्र अरब गणराज्य है। राजधानी कैरो और भाषा अरबी है। यहां की करेंसी Egyptian Pound है। यहां की जलवायु गर्म रेगिस्तान, शुष्क गर्मी और मध्यम ठंड है। मिस्र का मूल धर्म इस्लाम है जो समाज के हर पहलू को नियंत्रित करता है और कानून से समर्थित है। वैसे तो मिस्र में जाने का सही समय अक्टूबर से अप्रैल है जब तापमान अधिक नहीं होता, किन्तु पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय और उपयुक्त समय दिसंबर और जनवरी  होता है।

मिस्र के पिरामिड

सम्पूर्ण इतिहास जगत में मिस्र का अत्यधिक प्रतिष्ठित और लोकप्रिय प्रतीक निःसंदेह वहां का पिरामिड है। जैसे ही मिस्र देश का नाम जुबान पर आता है, मानसपटल पर वहां के पिरामिड अनायास ही परिलक्षित हो जाते हैं। वास्तव में मिस्र के पिरामिड वहां के तत्कालीन फैरों यानी सम्राटों के स्मारक स्थल हैं जिसके अंदर वहां के राजाओं और रानियों और बहुत से बहुचर्चित हस्तियों के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा गया है। 

पिरामिड का आकर त्रिभुजाकार होता है और यदि इसके किनारों की लम्बाई, ऊंचाई और कोणों को नापा जाय तो बहुत सारी चीज़ों की गणना की जा सकती है खासकर जो पृथ्वी से संबंधित हो। इसीलिए पिरामिड को गणित की कुंडली भी कहा जाता है। पिरामिड के चारों कोनों के पत्थरों में बॉल और सॉकेट बनाये गए हैं ताकि उसका औसत तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ना रहे और भूकंप से भी सुरक्षित रहे।

 वैसे तो मिस्र में कुल 138 पिरामिड हैं मगर इन सब में ‘गीज़ा का ग्रेट पिरामिड’ ही सबसे प्रख्यात है और दुनिया के सात प्राचीनतम आश्चर्य में से एक है। इसकी ऊंचाई लगभग 450 फ़ीट है।

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