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देश का एक ऐसा शहर, जहां पर्यटकों को अब नहीं खरीदनी पड़ेंगी पानी की बोतलें

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भारत में पर्यटन के खास ही मायने है। जहाँ ओडिशा का जगन्नाथ धाम यानी पुरी शहर एक अलग ही महत्व रखता है। पुरी में सालाना 2 करोड़ यात्री यहां पहुंचते हैं ,यहाँ के लोगों और दुनिया भर से यहां आने वाले पर्यटकों को अब शुद्ध पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। न ही अब पैसा खर्च कर पानी खरीद कर पीना पड़ेगा क्योंकि अब यहां के हर नल से उच्च गुणवत्ता वाला शुद्ध पेयजल मिलेगा।

बता दें कि, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Odisha Chief Minister Naveen Patnaik) ने ड्रिंक फ्रॉम टैप (सुजल) योजना (drink from tap scheme) का शुभारंभ किया है. ड्रिंक फ्रॉम टैप योजना का शुभारंभ होने के बाद पूरे शहर के हर नल से स्वच्छ जल की व्यवस्था करने वाला पुरी देश का पहला शहर बन गया है. इसके साथ ही, पुरी दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां के सभी नागरिकों के लिए 24×7 उच्च गुणवत्ता वाला शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नल यानी टैप के जरिये की गई है.

अपनी नई उपलब्धि के साथ पुरी अब न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर और टोक्यो जैसे शहरों की लीग में शामिल हो गया है। इस पहल से शहर की ढाई लाख की आबादी के साथ ही हर साल इस पवित्र स्थान की यात्रा पर आने वाले करीब दो करोड़ पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मिशन का उद्घाटन करते हुए सीएम पटनायक ने कहा कि हर घर को नल से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना एक परिवर्तनकारी परियोजना है और पुरी को विश्व स्तरीय धरोहर शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.

साथ ही सीएम ने ‘सुजल मिशन’ के उद्घाटन पर कहा, “सभी घरों में 24 घंटे नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाना एक बदलाव की परियोजना है और पुरी को एक विश्व स्तरीय धरोहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.” सुजल मिशन की शुरुआत 15 शहरी इलाकों में 15 लाख से ज्यादा आबादी को नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए की गई थी. इसके तहत शिकायत के निपटारे के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेंटर, मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब और पानी सप्लाई की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीम भी शामिल हैं।

पानी से जुड़ा आंकड़ा चौराहों पर लगी स्क्रीन पर दिखेगा …

पुरी में रोजाना 3.8 करोड़ लीटर पानी की खपत होती है। यहां 4.2 करोड़ लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। एक कॉल सेंटर (155359) भी स्थापित किया गया है, जो सिर्फ पानी की गुणवत्ता और उसके प्रेशर में कमी की शिकायतों को देखेगा। शिकायत मिलते ही मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैबोरेट्री मौके पर जाकर पानी की टेस्टिंग करेगी। पानी को 30 मानकों पर जांचने की व्यवस्था की गई है। शहर के प्रमुख चौराहों पर पानी की गुणवत्ता का लाइव डेटा स्क्रीन पर आसानी से देखा जा सकता है।

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1 Comment

  • Jai
    Posted July 27, 2021 at 10:03 pm

    test

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