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ताज महल नहीं, मुंबई की ये झुग्गी बस्ती है भारतीयों का सबसे पसंदीदा पर्यटक स्थल

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स्लमडॉग मिलियनेयर ने मुंबई के धारावी को ऑस्कर तक पहुँचा दिया, और यही धारावी, एशिया का सबसे बड़ा स्लम, आज भारत का सबसे पसंदीदा पर्यटक अनुभव बन गया है। जी हाँ, आपने बिल्कुल सही पढ़ा, ट्रिप एडवाइजर के ट्रैवलर्स च्वाइस अवार्ड्स 2019 के मुताबिक धारावी पर्यटकों की दिलचस्पी के मामले में टॉप पर है और ताज महल और पुरानी दिल्ली के बाइक टूर को भी पीछे छोड़ चुका है। सिर्फ यही नहीं, धारावी को एशिया के 10 सबसे बेहतरीन अनुभवों की लिस्ट में भी शामिल किया गया है। यहाँ पर मुंबई के इस इलाके को बाली के उबुद के जंगल स्विंग के बाद 10वें पायदान पर जगह मिली है।

धारावी

2008 में स्लमडॉग मिलियनेयर के रिलीज होने के बाद धारावी की संकरी, घुमावदार गलियाँ पहली बार विश्व स्तर पर देखने को मिलीं। तब से, गली-गली घूमना विदेशी पर्यटकों के लिए एक आकर्षण बन गया है। इस साल गली बॉय की रिलीज़ ने फिर से झुग्गी-झोंपड़ी वालों के जीवन की तरफ ध्यान खींचा। धारावी के टूर में छोटे समूह शामिल होते हैं जिसमें पर्यटक झुग्गी के अलग- अलग एरिया से गुज़रते हुए यहाँ बसे व्यापार केंद्र, शिल्पकारों और लोगों के घरों और वहाँ के सिस्टम से रूबरू होते हैं।चूंकि ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड्स एक एल्गोरिथम बेस्ड लिस्ट है, इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि धारावी का टूरिज़म रेवेन्यू ताजमहल के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन यह एक जगह के तौर पर लोगों के बीच ज्यादा मशहूर हो रही है।

धारावी, स्लम टूरिज़म के कॉन्सेप्ट पर दुनिया भर में चल रही बहस का एक हिस्सा है। स्लम टूरिज़म का कॉन्सेप्ट मौलिक और नैतिक कारणों से काफी वक्त से चर्चा में है। कई आलोचकों ने सवाल किया है कि क्या गरीबी से त्रस्त क्षेत्रों के दौरे अमीर-गरीब विभाजन को बढ़ाते हैं और ये सिर्फ एक नया ट्रैवल ट्रेंड है।

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