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कोरोना काल के बाद उत्तर प्रदेश की इन खूबसूरत जगहों का बना सकते हैं प्लान, मिलेंगे सदाबहार झरनों के दर्शन

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भारत में कई ऐसी जगह हैं, जहां हर साल काफी संख्या में लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं। वैसे तो ज्यादातर लोग घूमने के लिए पहाड़ों का ही रूख करते हैं, क्योंकि यहां उन्हें प्रकृति के अद्भुत नजारे, शांति और झरने देखने को मिलते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि झरने तो उत्तर प्रदेश में भी हैं? जी हां, इस कोरोना काल के बाद आप उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश की जगह पर उत्तर प्रदेश का प्लान भी बना सकते हैं, क्योंकि यहां ऐसे कई झरने हैं, जिन्हें देखते ही प्रकृति की खूबसूरती का एहसास होता है। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।

चूना दरी झरना

चूना दरी झरना वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर अहरौरा क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने का पानी 165 फीट की ऊंचाई से बहता है। इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। इस झरने की तलहटी में एक बड़ा सा पत्थर भी रखा हुआ है, जो आकर्षण का केंद्र है। यहां एक बार जाने के बाद आपका मन यहां बार-बार जाने का करेगा।

तंडा झरना

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से लगभग 14 किलोमीटर की दूर पर ये तंडा झरना बहता है। मानसून के मौसम में तो यहां कई तरह के जीव और वनस्पतियां भी देखने को मिलती हैं। ये जगह काफी शांत और खूबसूरत भी है। यहां से आप प्रकृति की सुंदरता को भी निहार सकते हैं और शानदार पल यहां बिता सकते हैं।

मुक्खा झरना

रोबर्ट्सगंज से मुक्खा झरने की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है और ये उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित है। हर साल यहां काफी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं। झरने से कुछ दूरी पर ही सलखन फॉसिल पार्क भी है और ये दुनिया का सबसे पुराना जीवाश्म पार्क है। इसके अलावा यहां कई प्राचीन मंदिर भी हैं, जहां जाकर आप दर्शन कर सकते हैं।

विंधाम झरना

विंधाम झरना मिर्जापुर में स्थित है और इसका नाम ब्रिटिश संग्राहक विंधाम के नाम पर पड़ा है। वाराणसी से इसकी दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। वहीं, इस झरने के आसपास पिकनिक स्पॉट हैं। यहां आप अपने पार्टनर या फैमिली संग जा सकते हैं। यहां के दृश्य आपका मन मोह लेंगे। यहां की खूबसूरती हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है।

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