Skip to content Skip to sidebar Skip to footer

यहां शूट हुई है फिल्म शेरनी, आप भी कर सकते हैं सैर, जानें घूमने का सही समय और जंगल सफारी का खर्च

Spread the love

घूमने के शौकीन रखने वाले हर वक्त अपने लिए नई-नई जगहों की तलाश में रहते हैं, जहां वो घूमने जा सके। अगर आप भी ऐसी जगह की तलाश में हैं, तो आप मध्य प्रदेश में स्थित कान्हा नैशनल पार्क जा सकते हैं, जहां आप जंगल सफारी के मजे ले सकते हैं। हर साल यहां देश-विदेश से काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, कुछ समय पहले तक कोरोना काल होने की वजह से ये पार्क बंद था, लेकिन मौजूदा समय में कुछ शर्तों के साथ इसे फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।

शेरनी फ़िल्म की हुई शूटिंग

यहां आपको बताते चले कि फिल्म शेरनी की शूटिंग भी इसी कान्हा नैशनल पार्क में हुई है। इस फिल्म की शूटिंग मध्यप्रदेश के जंगलों, कान्हा नेशनल पार्क, रायसेन के भूत पलासी और बालाघाट के आसपास के इलाकों में की गई है। तो चलिए आपको बताते हैं कान्हा नेशनल पार्क के बारे में कुछ खास बातें ताकि जब आप यहां घूमने जाएं, तो आपको यहां किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।

बंगाल टाइगर की है काफी आबादी

दरअसल, कान्हा नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के मंडला और बालाघाट जिले में स्थित है और इसे कान्हा टाइगर रिजर्व के रूप में भी जाना जाता है। ये एरिया 940 स्क्वेयर किलोमीटर इलाके में फैला हुआ है। यहां जंगल सफारी के दौरान बाघ दिखने की संभावना काफी ज्यादा होती है, क्योंकि यहां बंगाल टाइगर की अच्छी खासी आबादी रहती है। यही नहीं, यहां चीता, चीतल, गौड़, बार्किंग डियर और कई तरह के पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। साथ ही ये नेशनल पार्क बारहसिंघों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है।

ये है सही समय यहां घूमने का

हर साल ये नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए अक्टूबर महीने से लेकर जून महीने तक खुला रहता है। इस दौरान यहां काफी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। सर्दियों में यहां लगभग सारे प्रवासी पक्षी आ जाते हैं, इसलिए यहां नवंबर से फरवरी के बीच में काफी सैलानी पहुंचते हैं। कान्हा नेशनल पार्क का बामीन दादर सबसे ऊंचा पठार है, जो यहां के सनसेट पॉइंट के रूप में जाना जाता है। यहां से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।

जंगल सफारी के लिए करना होगा इतना खर्च

कान्हा नेशनल पार्क में आपको जंगल सफारी के लिए जीप बुक करनी पड़ती है, जिसके लिए आपको एक हाजर से दो हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। यहां दो स्लॉट में स्लॉट बुक होते हैं। जहां पहला स्लॉट सुबह 6 बजे से 11 बजे तक, तो वहीं दूसरी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे का होता है। सुबह के समय बाघ दिखने की संभावना काफी ज्यादा होती है, इसलिए ये स्लॉट शाम के स्लॉट की तुलना में थोड़ा महंगा होता है। इसके अलावा यहां हाथी की सफारी भी काफी मजेदार और रोमांटिक होती है, जिसके लिए सुबह के स्लॉट हैं। इसके लिए आपको 300-600 रुपये प्रति व्यक्ति देने होते हैं। 

  •  
  •  

Leave a Comment